आरज़ू कि खुशियॉ की तो गम मिला इतना के सह नही पाते,
काश मान्ग लेते मौत ही खुदा से, कम से कम जीने को चार पल तो मिल जाते…
हो जाये कुबूल तेरि हर दुआ, हमने खुदा से ये दुआ की है,
क्या हुआ जो माँगा तुने के जल जाये मेर दिल, तेरी दुनिया तो कम से कम रोशन हुई है…
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