दो लाईनें


मैंने पूछा इस दिल से बोल तुझे क्या गम है,,,
वो बोला : धडक रहा हूँ तेरे लिये क्या ये गम ही कुछ कम है…

उसके प्यार मे हुम लुट गये कुछ इस कदर,
के आँसू भी न बचे गम भुलाने के लिये…
ऐ खुदा उसे लग जाये अब मेरि भी उमर,
हुम जी कर इन्तिज़ार क्या करे मौत आने के लिये…

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